
रायपुर। देश में अंगदान और देहदान की दर बेहद कम होने के बीच छत्तीसगढ़ से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। रायगढ़ स्थित 6वीं बटालियन में पदस्थ एक दंपति ने मरणोपरांत अंगदान और शरीरदान का संकल्प लेकर समाज के सामने मिसाल पेश की है।
रूखमणी साहू और उनके पति सोहन लाल साहू ने न केवल स्वयं यह संकल्प लिया है, बल्कि अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब तक वे 12 से 15 लोगों को अंगदान और देहदान के लिए जागरूक कर चुके हैं। उनका मानना है कि इससे जरूरतमंदों को नया जीवन मिल सकता है और मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा।
साहू दंपति सामाजिक कुप्रथा ‘मृत्यु भोज’ का भी विरोध कर रहे हैं और उस धन को शिक्षा, स्वास्थ्य व जनकल्याण में लगाने की बात कर रहे हैं। सोहन लाल साहू अब तक 14 बार रक्तदान कर चुके हैं और आगे भी जरूरतमंदों की मदद का संकल्प लिया है।
दंपति का कहना है कि अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी अंगदान और देहदान करने वालों को राजकीय सम्मान मिलना चाहिए, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और अधिक लोग इस दिशा में आगे आएं।



